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Sunday, May 16, 2021

MS Word

MS Word


एम एस वर्ड का परिचय :Introduction of MS Word:

एम एस वर्ड माइक्रोसॉफ्ट कार्पोरेशन द्वारा तैयार किया गया एक एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर है। इसके द्वारा ऑफिशल कार्यो को आसानी से कर सकते है। शुरू - शुरू में यह प्रोग्राम एम एस डांस के वातावरण में वर्ड स्टार के नाम से चलता था। जिसमे सिमित सुविधाएं प्रदान की गई थी। एम एस पेंट में लेटर टाइपिंग या अन्य प्रकार के साथ -साथ थोड़ा बहुत पिक्चर भी डिज़ाइन कर सकते है।
 एम एस वर्ड द्वारा बनाई गई फाइल का एक्सटेंशन नाम .doc होता है।
 यह एक बड़ा वर्ड प्रोसेसिंग प्रोग्राम है। जिसमे टेक्स्ट की फॉर्मेटिंग सरल तरीके से कर सकते है।
 इसके कई वर्शन है जो इस प्रकार है

•MS Word   97
•MS Word   xp
•MS Word   2000
•MS Word   2002
•MS Word   2003
•MS Word   2005
•MS Word   2007
•MS Word   2010
•MS Word   2016

एम एस की विशेषताएं :Features of MS Word:

1. इसमें डॉक्युमेंट फाइल का निर्माण होता है।
2. इसमें पासवर्ड देने लगाने की सुविधा दी गई है। जिसके प्रयोग करके हम बनाई जा रही फाइल को पासवर्ड से लॉक कर सकते है।
3.इसमें कई डिज़ाइन में हम टेबल का निर्माण कर सकते है। और बनाये गए टेबल की फॉर्मेटिंग भी कर सकते है।
4.इसमें पेजो की संख्या अधिक होने के कारण हम लम्बी से लम्बी फाइल का निर्माण कर सकते है।
5.इसमें टेक्स्ट को कई डिज़ाइन में लिख सकते है।
6.इसमें कई प्रकार की आकृति में ऑब्जेक्ट बना सकते है। और उसमे विभिन्न प्रकार के पिक्चर एवं कलर मिक्स कर सकते है।
7.इसमें हम बांये गए ऑब्जेक्ट पर सैडो इफ़ेक्ट दे लगा सकते है।
8.इसमें हम पेज के चारो तरफ फूल एवं पत्तियों का बॉर्डर लगा सकते है।


स्टैंडर्ड टूलबार :
Standard Toolbar:

1.New                                            Ctrl+N
2.Open                                           Ctrl +O
3.Save                                            Ctrl+S
4.Print                                            Ctrl+P
5.Print preview                              F12
6.spelling and Grammar                F7
7.Research                                     ALT +Click
8.Cut                                              CTRL+X
9.Copy                                           CTRL+C
10.Paste                                           CTRL+V
11.Format Painter                           (CTRL+Shift+C , CTRL+Shift+V)
12.Undo                                           CTRL+Z
13.Redo                                           CTRL+Y
14.Insert hyperlink                          CTRL+K
15.Table and Border                       
16.Insert Table
17.Insert microsoft worksheet
18.Column
19.Drawing

New:
इस ऑप्शन का प्रयोग एम एस वर्ड में एक नया ब्लैंक डॉक्यूमेंट लाने के लिए किया जाता है।

Open:

इस ऑप्शन का प्रयोग बनाये गए डॉक्यूमेंट में ओपन करने के किया जाता है।

Save:
इस ऑप्शन का प्रयोग एम एस वर्ड में बनाये जा रहे डॉक्यूमेंट को सेव करने के लिए किया जाता है।

Print:
इस ऑप्शन का प्रयोग एम एस वर्ड में बनाये जा रहे डॉक्यूमेंट को प्रिंट करने के लिए किया  जाता है।

Print preview:
इस ऑप्शन का प्रयोग बांये जा रहे डॉक्यूमेंट को प्रिंट करने से पहले देखने के लिए किया जाता है। कि पेज पर मैटर कहा तथा किस प्रकार प्रिंट होगा है.

Spelling and Grammar:
इस ऑप्शन का   प्रयोग पेज पर गलत लिखे जा रहे वर्ड की जाँच करने के लिए किया जाता है।

Research:
इस ऑप्शन का प्रयोग पेज पर लिखे गए वर्ड से रिलेटेड वर्ड को लाने के लिए किया जाता है।

Cut:
इस ऑप्शन का यूज़ सेलेक्ट किये गए टेक्स्ट ,ऑब्जेक्ट ,या पिक्चर को कट करने के लिए किया जाता है।
 जिससे सेलेक्ट किया गया मैटर पेज से हट जाता है।
 इसकी शॉर्टकट कीय   CTRL + X होती है।

Copy:
इस ऑप्शन का यूज़ सेलेक्ट किये गए टेक्स्ट ,ऑब्जेक्ट ,या पिक्चर को कॉपी  करने के लिए किया जाता है।
 इसकी शॉर्टकट कीय   CTRL + C होती है।

Paste:
इस ऑप्शन का प्रयोग कट अथवा कॉपी किये गए मैटर को पुनः पेज पर लाने के लिए किया जाता है।
 इसकी शॉर्टकट कीय   CTRL + V होती है।

Format Painter:
इस ऑप्शन का प्रयोग एक टेस्ट पर दी गई फॉर्मेटिंग को दूसरे पर अप्लाई करने के लिए किया जाता है।

Insert Hyperlink:
इस ऑप्शन का प्रयोग करने पर इसका एक बॉक्स डिस्प्ले होता है जिसमे दिए गए ऑप्शन के द्वारा किसी दूसरे फाइल से लिंक बना सकते है।

Table and Border:
इस ऑप्शन का प्रयोग करने पर इसका एक बॉक्स डिस्प्ले होता है जिस मे स्थित ऑप्शन के द्वारा अपनी इच्छा अनुसार टेबल का निर्माण कर सकते है।

Insert Table:
इस ऑप्शन का प्रयोग रो और कॉलम के आधार पार टेबल बनाने के लिए किया जाता है।

Insert Microsoft excel worksheet:
इस ऑप्शन का प्रयोग एम एस एक्सेल की शीट को एम एस वर्ड के पेज पर लेन के लिए किया जाता है।

Column:
इस ऑप्शन के द्वारा एम एस वर्ड के पेज को कई कॉलम में विभाजित कर सकते है।

Drawing:
इस ऑप्शन का प्रयोग ड्राइंग टूलबार को  ऑन अथवा ऑफ करने के लिए किया जाता है।

Formatting Toolbar (फॉर्मेटिंग टूलबार):

Style and Formatting(स्टाइल एंड फॉर्मेटिंग):
इस ऑप्शन का प्रयोग करने पर इसका एक टास्कपेन डिस्प्ले डिस्प्ले होता है। जिसमे लिखे जा रहे टेक्स्ट के लिए विभन्न प्रकार के स्टाइल स्थित होते है। यहाँ से हम किसी भी स्टाइल को सेलेट करके टेक्स्ट पर अप्लाई कर सकते है।

Font(फॉण्ट):

इस ऑप्शन का प्रयोग करके अपनी आवश्यकता अनुसार फॉण्ट की स्टाइल को सेलेक्ट करके टेक्स्ट लिखा जा सकता है।

उदा ० : Calibri (Body),Arial,Comic Sans MS,Kruti Dev 011 . इत्यादि।

 Font Size(फॉण्ट साइज ):

इस ऑप्शन का प्रयोग करके टेक्स्ट को अंको के अनुसार छोटा अथवा बड़ा कर सकते है।

Bold(बोल्ड):

इस ऑप्शन का प्रयोग टेक्स्ट को थोड़ा मोटा करके लिखने के लिए किया जाता है।

Italic(इटैलिक):

इस ऑप्शन का प्रयोग टेक्स्ट के तिरछा लिखने के लिए किया जाता है।

Underline(अंडरलाइन):

इस ऑप्शन का प्रयोग टेक्स्ट के निचे एक लिने देने के लिए किया जाता है।

Align Left(अलाइन लेफ्ट):

इस ऑप्शन का प्रयोग सिलेक्टेड टेक्स्ट को पेज के लेफ्ट साइड(बाये) में ले जाने के लिए किया जाता है।

Center(सेंटर):

इस ऑप्शन का प्रयोग सिलेक्टेड टेक्स्ट को पेज के सेण्टर(बिच ) में ले जाने के लिए किया जाता है।

Align Right(अलाइन राइट):

इस ऑप्शन का प्रयोग सिलेक्टेड टेक्स्ट को पेज के राइट साइड(दाये) में ले जाने के लिए किया जाता है।

Justify (जस्टिफाई):

यह टेक्स्ट को दाये और बाये मार्जिन दोनों को सेट कर देता है।

Line Spacing(लाइन स्पेसिंग):

इस ऑप्शन का प्रयोग एक लाइन से दूसरे लाइन के बिच के स्पेस को अपनी आवश्यकता अनुसार बढ़ाने के लिए किया जाता है।

Numbering(नंबरिंग):

इस ऑप्शन का प्रयोग एम एस वर्ड के पेज पर लिखे गए मैटर के शुरू में लाइन नंबर देने के लिए किया जाता है। जीससे यह पता कर सकते है। की पेज पर लिखा गया मैटर कितने लाइन का है। 

Bullets(बुलेट्स):

इस ऑप्शन का प्रयोग एम एस वर्ड के पेज पर लिखे गए मैटर के शुरू में बुलेट सिंबल देने के लिए किया जाता है।

Decrease Indent(डिक्रीस इंडेंट):

इस ऑप्शन का प्रयोग टेक्स्ट को पेज के लेफ्ट साइड में ले जाने के लिए किया जाता है।

Increase Indent(इनक्रीस इंडेंट):

इस ऑप्शन का प्रयोग टेक्स्ट को पेज के राइट साइड में ले जाने के लिए किया जाता है।

Outside Border(आउटसाइड बॉर्डर):

इस ऑप्शन का प्रयोग सिलेक्टेड टेक्स्ट के चारो तरफ बॉर्डर देने के लिए किया जाता है। इसका प्रयोग करने पर इसका एक लिस्ट डिस्प्ले होता है जिसमे विभिन्न फॉर्मेट में बॉर्डर स्थित होते है।

Highlight(हाईलाइट):

इस ऑप्शन का प्रयोग किसी निश्चित टेक्स्ट को हाईलाइट करने के लिए किया जाता है।

Font Color(फॉण्ट कलर):

इस ऑप्शन का प्रयोग सेलेक्टेस  टेक्स्ट के कलर को बदलने (Change) करने के लिए किया जाता है।

Saturday, May 15, 2021

मल्टी टास्किंग क्या है ? और मल्टी प्रोसेसिंग क्या है ?

मल्टी टास्किंग क्या है ?

बहुत से कार्यों को कम्प्यूटर पर किये जाने के लिए एक-दूसरे के सहारे में आवश्यकता होती है । ये कार्य मेमोरी में एक ही बार में स्टोर किये जा सकते हैं और ऑपरेटिंग सिस्टम यह निर्धारित करता है कि किस प्रोग्राम को कितने समय के लिए प्रोसेस करना है और कब अगले प्रोग्राम को प्रोसेसिंग के लिए जाना है ।
कंप्यूटिंग में, एक निश्चित समय अवधि में कई कार्यों को एक साथ क्रियान्वित करते हुए पूरा करने की अवधारणा को ‘मल्टीटास्किंग‘ कहते है ।

उदाहरण : यदि आप अपने कंप्यूटर पर गाने सुनते हुए एक वर्ड डॉक्यूमेंट बना रहे हो और साथ ही इंटरनेट से सॉफ्टवेयर डाउनलोड बैकग्राउंड में चल रहा है, इसका मतलब आपका कंप्यूटर आपके लिए ‘मल्टीटास्किंग’ कर रहा है|

             
              मल्टी प्रोसेसिंग क्या है ?

मल्टी प्रोसेसिंग (Multi Processing) प्रणाली में, दो या दो से अधिक स्वतन्त्र प्रोसेसर आपस में सामंजस्य प्रणाली के तहत जुड़े होते हैं । इस प्रकार की प्रणाली में, एक या अनेक प्रोग्रामों से आने वाले निर्देश एक ही समय में अलग-अलग प्रोसेसरों के द्वारा प्रोसेस किये जा सकते हैं ।

मल्टी प्रोग्रामिंग का अर्थ है एक ही सी. पी. यू. में भागीदारी करने वाले दो या दो से अधिक प्रोग्रामों का एक ही बार में कार्यान्विंत होना । मल्टी प्रोसेसिंग में, किसी एक समय में एक प्रोग्राम या अनेक प्रोग्रामों के विभिन्न निर्देशों को दो या दो से अधिक सी. पी. यू. कार्यान्विंत करते हैं ।
मल्टी प्रोसेसिंग सिस्टम का निर्माण मल्टी प्रोसेसर सिस्टम को ध्यान मे रखते हुए किया गया है । एक से अधिक प्रोसेसर उपल्ब्ध होने के कारण इनपुट आउटपुट एवं प्रोसेसींगतीनो कार्यो के मध्य समन्वय रहता है । एक ही तरह के एक से अधिक सी.पी. यू का उपयोग करने वाले सिस्टम को सिमिट्रिक मल्टी प्रोसेसर सिस्टम कहा जाता है ।

Hacker क्या है ?

Hacker क्या है ?

वह व्यक्ति जो अपने व्यक्तिगत लाभ के लिए अन्य व्यक्तियों के कम्प्यूटर और कम्प्यूटर नेटवर्क से जानकारी गैर-क़ानूनी तरीके से उसे हानि पहुँचाने के लिए प्राप्त करता है, हैकर कहलाता है ।

Hacking का मतलब होता है Computer system में से कमजोरी को ढूँढ निकालना और फिर उसी कमजोरी का फ़ायदा उठा कर उस Computer के मालिक को Blackmail करना। Hacking एक इंसान Computer के जरिये करता है जिसको हम Hacker कहते हैं और उसे Computer का और Computer knowledge का भरपूर ज्ञान होता है इसलिए वो दूसरों की Computers से Data चुराने में माहिर होता है। Hacking का नाम सुनते ही पता चल जाता है की ये एक गलत काम है क्यंकि ये Illegal होता है और ऐसा करने से एक व्यक्ति को सजा भी हो सकती है। लेकिन हर बार Hacking करना गलत नहीं होता क्यूंकि सभी Hackers एक जैसे नहीं होते, कुछ अच्छे Hackers होते हैं और कुछ बुरे Hackers होते हैं। अच्छे और बुरे Hackers कौन होते हैं और वो क्या करते हैं चलिए आगे इसके बारे में जान लेते हैं।
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Hacking के प्रकार :-
•Website Hacking :-  इस प्रकार के Hacking का मतलब है की किसी web server और उसके associated software जैसे की databases और दुसरे interfaces के ऊपर unauthorized control प्राप्त करना

•Network Hacking :- इस प्रकार के Hacking का मतलब है की किसी network के ऊपर सभी information प्राप्त करना और जिनके लिए कई tools हैं जैसे की Telnet, NS lookup, Ping, Tracert, Netstat, इत्यादि. ऐसा करने का मुख्य उद्देश्य केवल network system और उसके operation को नुकशान पहुँचाने का है ।

•Email Hacking :-  इस प्रकार के Hacking का मतलब है की इसमें hacker बिना owner के permission के ही उसके email account पर unauthorized access प्राप्त कर लेता है. बाद में जिसे वो अपने illigal कामों के लिए इस्तमाल करने वाला होता है

•Ethical Hacking :- इस प्रकार के Hacking का मतलब है की किसी system या network के weakness को पहचानना और उसे ठीक करने में owner की मदद करना. ये एक safe hacking process हैं जिसमें owner के देखरेख में सभी कार्य किये जाते हैं

•Password Hacking :- इस प्रकार के Hacking का मतलब है की जिसमें secret passwords को recover किया जाता है data से जिन्हें की computer system में store किया या transmit किया जाता है किसी computer system के द्वारा

•Computer Hacking :-इस प्रकार के Hacking का मतलब है की जिसमें की hacker किसी computer system के computer ID और password को जान जाता है hacking methods के इस्तमाल से एयर जिससे वो किसी computer system पर unauthorized access प्राप्त कर लेते हैं. इससे owners को अपने data के चोरी होने का खतरा होता है।

Email Marketing क्या है ?

Email Marketing क्या है ?

किसी भी तरह की marketing जिसमे email का प्रयोग मुख्य तौर पर किया जाये तो उसे email Marketing कहा जाता है।

example के लिए मान लीजिये कि एक blogger है, जिसके पास बहुत सारे लोगों के email addresses इकठ्ठा हैं। अगर वह blogger जब भी वह अपने blog पर कोई नया blog post publish करे और उसका link उन सभी लोगों को email के द्वारा भेज दें, तो उसके blog पर बहुत सारा traffic आ सकता है। यह email Marketing का एक live example है।

Email marketing का use अलग-अलग तरह के notifications प्रदान करने के लिए भी किया जाता है। जैसे की आपको आपके Facebook account के updates आपके email पर मिलते रहते हैं। ये सब email marketing के ही examples है। इस तरह आप अनुमान लगा सकते हैं कि email marketing की कितनी आवश्यकता है किसी भी business के लिए।
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इसके इलावा और भी बहुत तरह से email marketing का use हो सकता है। जैसे कि कोई affiliate अपने products को promote करने के लिए email marketing का उपयोग कर सकता है। यदि कोई eCommerce website है तो वो अपने customers की engagement बढाने के लिए इसका उपयोग कर सकता है।

मेमोरी क्या है ?

मेमोरी क्या है ?

मेमोरी कम्प्यूटर का बुनियादी घटक है । यह कम्प्यूटर का आंतरिक भंडारण क्षेत्र है । केन्द्रीय प्रोसेसिंग इकाई (CPU) को प्रोसेस करने के लिए इनपुट डाटा एवं निर्देश चाहिए, जो की मेमोरी में संग्रहित रहता है । मेमोरी में ही संग्रहित तथा निर्देश का प्रोसेस होता है, तथा आउटपुट प्राप्त होता है । अतः मेमोरी कम्प्यूटर का एक आवश्यक अंग है ।

मेमोरी बहुत सारे सेल में बँटे होते है जिन्हें लोकेशन कहते हैं । हर लोकेशन का एक अलग लेबल होता है जिसे एड्रेस कहते हैं ।
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मेमोरी दो प्रकार के होते हैं :
1.प्राथमिक मेमोरी (Primary Memory) :

प्राथमिक मेमोरी को अक्सर मुख्य मेमोरी भी कहते हैं, जो कम्प्यूटर के अन्दर रहता है तथा इसके डेटा और निर्देश का CPU द्वारा तीव्र तथा प्रत्यक्ष उपयोग होता है ।
2.सहायक मेमोरी (Secondary Memory) :

इसे सहायक तथा बैंकिंग स्टोरेज मेमोरी भी कहते हैं । चँकि मुख्य मेमोरी अस्थाई तथा सीमित क्षमता वाले होते हैं इसलिए द्वितीयक मेमोरी को बड़ी मात्रा में स्थायी डेटा मेमोरी के रूप में इस्तेमाल करते हैं । ज्यादातर इसका उपयोग डेटा बैकअप के लिए किया जाता है । CPU को वर्तमान में जिस डेटा की आवश्यकता नहीं होती है उसे द्वितीयक मेमोरी में संग्रह किया जाता है ।

ऑपरेटिंग सिस्टम क्या है ?

ऑपरेटिंग सिस्टम क्या है ?

ऑपरेटिंग सिस्टम (Operating System)एक ऐसा प्रोग्राम है जो कम्प्यूटर के हार्डवेयर और उपभोक्ता के बीच माध्यम का काम करता है । ऑपरेटिंग सिस्टम का प्राथमिक लक्ष्य कम्प्यूटर सिस्टम को प्रयोग के लिए सुविधाजनक बनाना है और इसका द्वितीय लक्ष्य कम्प्यूटर हार्डवेयर को सुचारू रूप से चलाना है ।

ऑपरेटिंग सिस्टम प्रोग्रामों का एक सेट है जो कम्प्यूटर के संसाधनों को प्रबंधित करने के लिए डिजाइन किया गया है और जिसमें कम्प्यूटर को शुरू करना, प्रोग्रामों को मैनेज करना, मेमोरी को मैनेज करना और इनपुट तथा आउटपुट डिवाइसों के बीच के कार्यों का समन्वय करना शामिल है ।
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ऑपरेटिंग सिस्टम के प्रकार :
•एकाकी उपभोक्ता ऑपरेटिंग सिस्टम (Single User Operating System) :

एकाकी उपभोक्ता ऑपरेटिंग सिस्टम एक ऐसा ऑपरेटिंग सिस्टम है जो केवल एक उपभोक्ता को एक ही समय में कार्य करने की अनुमति देता है । एम. एस. डॉस सबसे अधिक प्रचलित एकाकी उपभोक्ता ऑपरेटिंग सिस्टम है ।
•मल्टी-यूजर ऑपरेटिंग सिस्टम (Multi-User Operating System) :

बड़ा कम्प्यूटर अधिक कार्यकुशलता से उपयोग किया जा सकता है, यदि एक ही समय पर बहुत से उपभोक्ता इस पर काम करें । ऐसा लोकल एरिया नेटवर्क के तहत टाइम शेयरिंग मोड़ (Time Sharing Mode) में ही सम्भव है । इन बहु-उपभोक्तओं के साथ ऑपरेटिंग सिस्टम प्रत्येक उपभोक्ता को एक निश्चित समय बाँटता है और इस बात पर भी कड़ी मेहनत करता है कि आउटपुट उपकरणों को जाने वाले नतीजे आपस में मिल न जाए । युनिक्स (Unix), विंडोज 98 आदि कुछ बहु-उपभोक्ता ऑपरेटिंग सिस्टम हैं ।

Wednesday, May 5, 2021

UPS क्या है ?

UPS क्या है ?

UPS का पूरा नाम Uninterruptible Power Supply है । यह बैटरी से संचालित उपकरण है जिसके द्वारा कम्प्यूटर में अनवरत विद्युत आपूर्ति बनी रहती है । यह कंप्यूटर को तब पॉवर देता है जब अचानक मुख्य सप्लाई से पॉवर कट जाती है ।
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यूपीएस के अन्दर एक बैटरी लगी होती है जो की 20-40 मिनट तक पॉवर दे सकती है । इससे हमें यह लाभ होता है कि जब मुख्य सप्लाई से पॉवर आनी बन्द हो जाती है उस समय हम कंप्यूटर को ढंग से बन्द कर सकते हैं ।

सॅाफ्टवेयर क्या है ?

सॉफ्टवेयर क्या है ?

सॉफ्टवेयर, प्रोग्रामिंग भाषा द्वारा लिखे गये निर्देशों की श्रृंखला है, जिसके अनुसार दिए गये डेटा का प्रोसेस होता है । बिना सॉफ्टवेयर के कम्प्यूटर कोई भी कार्य नहीं कर सकता है । इसका प्राथमिक उद्देश्य डाटा को सूचना में परिवर्तित करना है । सॉफ्टवेयर के निर्देशों के अनुसार ही हार्डवेयर भी कार्य करता है । इसे प्रोग्राम भी कहते हैं । हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर के बीच संचार स्थापित करने को इंटरफेस कहते हैं ।

सभी सॉफ्टवेयर लाइसेंस के माध्यम से संरक्षित तथा प्रतिवेधित रहते हैं । सॉफ्टवेयर लाइसेंस सॉफ्टवेयर के निर्माता तथा उपयोगकर्त्ता के बीच कानूनी एग्रीमेंट है, जिसके अन्तगर्त एक से अधिक कम्प्यूटर पर सॉफ्टवेयर को ईस्टॉल करना, कोड में किसी तरह का रूपान्तरण और सॉफ्टवेयर में किसी तरह का बदलाव करना निषेद्य है । यह सॉफ्टवेयर के उपयोग को प्रतिबंधित करता है ।
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कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर विभिन्न तरह के होते हैं । सामान्यतः इसे तीन वर्गों में वर्गीकृत किया जाता है :
1.सिस्टम सॉफ्टवेयर (System Software)

यह कम्प्यूटर हार्डवेयर को नियंत्रित करता है कि अनुप्रयोग सॉफ्टवेयर अच्छी तरह से चल सके । जैसे ऑपरेटिंग सिस्टम, डिवाइस ड्राइवर, विंडोज सिस्टम आदि ।
2.अनुप्रयोग सॉफ्टवेयर (Application Software)

यह यूजर को एक या एक से अधिक कोई विशेष कार्य पूरा करने की अनुमति देता है । उच्च स्तरीय की कम्प्यूटर भाषाओं का उपयोग कर अनुप्रयोग सॉफ्टवेयर बनाये जाते हैं । सॉफ्टवेयर प्रोग्राम अंग्रेजी भाषा का प्रयोग करते हुए लिखा जाता है, अतः यूजर आसानी से कम्प्यूटर का उपयोग कर सकता है । जैसे - वर्ड प्रोसेसर, औद्योगिक स्वचालन, व्यापार सॉफ्टवेयर और चिकित्सा सॉफ्टवेयर आदि ।
3.प्रोग्रामिंग सॉफ्टवेयर (Programming Software)

यह आमतौर पर कम्प्यूटर प्रोग्राम लिखने में एक प्रोग्रामर की सहायता करने के लिए उपकरण प्रदान करता है, जैसे - पाठ संपादक, कम्पाइलर, डि-बगर, इन्टरप्रेटर आदि ।

कम्प्यूटर क्या है ?

कम्प्यूटर क्या है ?

कम्प्यूटर गणितीय और अगणितीय क्रियाओं को करने वाला इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है । यह आँकड़ों को इनपुट के तौर पर लेता है उन्हें प्रोसेस करता है और आउटपुट के तौर पर अर्थपूर्ण नतीजे प्रदान करता है । हम अपरिपक्व तथ्यों को आँकड़े के रूप में इकट्ठे करते हैं और ये आँकड़े कम्प्यूटर में डाले जाते हैं । कम्प्यूटर इन आँकड़ों को प्रोसेस करके हमें सूचनायें प्रदान करता है ।

अक्सर लोग सोचते हैं कि कम्प्यूटर एक सर्वशक्तिमान सुपरमैन की तरह है परन्तु ऐसा है नहीं । यह केवल एक स्वचालित इलेक्ट्रॉनिक मशीन है जो तीव्र गति से कार्य करता है और गलती नहीं करता है । इसकी क्षमता सीमित है । यह अंग्रेजी शब्द कम्प्यूट से बना है जिसका अर्थ गणना करना है । हिन्दी में इसे संगणक कहते हैं । इसका उपयोग बहुत सारे सूचनाओं को प्रोसेस करने तथा इकट्टा करने के लिए होता है ।

Computer अपना कार्य अकेला नही कर सकता है. Computer किसी कार्य को करने के लिए कई तरह के उपकरणों तथा प्रोग्राम की सहायता लेता है । Computer के ये उपकरण और प्रोग्राम क्रमश: ‘Hardware तथा Software ‘ के नाम से जाने जाते है ।
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कम्प्यूटर एक यंत्र है व इसे सॉफ्टवेयर या प्रोग्राम के अनुसार किसी परिणाम के लिए प्रोसेस करता है । कम्प्यूटर को कृत्रिम बुद्धि की संज्ञा दी गई है । इसकी स्मरण शक्ति मनुष्य की तुलना में उच्च होती है ।

कम्प्यूटर की विशेषताएँ :
•यह तीव्र गति से कार्य करता है अर्थात समय की बचत होती है ।
•यह त्रुटिरहित कार्य करता है ।
•यह स्थायी तथा विशाल भंडारण क्षमता की सुविधा देता है ।
•यह पूर्व निर्धारित निर्देशों के अनुसार तीव्र निर्णय लेने में सक्षम है ।

कम्प्यूटर के उपयोग :
•शिक्षा के क्षेत्र में
•वैज्ञानिक अनुसंधान में
•रेलवे तथा वायुयान आरक्षण में
•बैंक में
•रक्षा में
•व्यापार में
•संचार में
•मनोरंजन में

कम्प्यूटर के कार्य
1.डेटा संकलन (Data Collection)
2.डेटा संचयन (Data Storage)
3.डेटा संसाधन (Data Processing)
4.डेटा निर्गमन (Data Output)

HINDI